Gussa Shayari in Hindi | नाराज गुस्सा शायरी

दोस्तों गुस्सा तो सभी इंसान को आता है लेकिन उसे कंट्रोल कर पाना बहुत ही मुश्किल है आज हम इसी पर एक पोस्ट – Gussa Shayari in Hindi | नाराज गुस्सा शायरी लेकर आये है

Gussa Shayari in Hindi

Gussa Shayari in Hindi

कैसे कह दें कि उनके कुछ नहीं लगते हम,
उनके गुस्से पर आज भी हमारा ही हक है।

मेरे गुस्से का तेवर झेल नही पाओगी,
प्यार का खेल, तुम खेल नहीं पाओगी.

कभी-कभी गुस्सा मुस्कराहट से भी ज्यादा स्पेशल
होता हैं क्योंकि स्माइल तो सबके लिए होती हैं मगर
गुस्सा सिर्फ उनके लिए होता हैं जिन्हें हम खोना नहीं चाहते!

देखों इस अजीब तरह से भी इश्क़ हमसें निभाती है वो,
हमी पे गुस्सा कर फ़िर कंधे पर सर रख सो जाती है वो।

बेस्ट गुस्सा कोट्स इन हिंदी
गुस्से में बिछड़ने का फैसला लिया उसने
बर्बाद मुझे अपनी चाहत में किया उसने
हम देते रहे तोहफे हरजाई को वफ़ा के
दाग जुदाई का मोहब्बत में दिया उसने!

Gussa Shayari in Hindi 2 line

ये जो मेरे गुस्से को भी मुस्कुराहट में बदल देते हो,
बस यही वजह कि तुम दिल को इतना भाते हो।

उसकी यही अदा मुझको बेहद भाती है,
नाराज़ वो मुझसे हो जाती है,
और गुस्सा सबको दिखाती है।

जिन्हें गुस्सा आता है वो लोग सच्चे होते हैं
मैंने झूठों को अक्सर मुस्कुराते हुए देखा है

गुस्सा आना सबके लिए जरुरी हैं पर उसे
निकालना कहा हैं ये समझना ज्यादा जरुरी हैं!

गुस्सा इतना है कि तुमसे कभी बात भी न करू,
फिर भी दिल में तेरी फ़िक्र खुद से ज्यादा है

ना जाने क्यों वो हमसे गुस्सा हुए बैठे हैं बात करना तो
दूर की बात वो हमारी शक्ल तक देखना भी नहीं चाहते हैं!

जब तक तेरा इतराना और गुस्सा करना बाकी है,
अपने आप को अहले इल्म में शुमार न कर..

सितम सारे हमारे छांट लिया करो
नाराजगी से अच्छा हैं डांट लिया करो!

तुझे गुस्सा दिलाना एक साजिश हैं मेरी तेरा
रूठ कर मुझपर यूँ हक़ जताना अच्छा लगता हैं!

मासूम-सी आँखों में मासूम-सा अब-कुछ न रहा रहने को गुस्सा और दर्द -तो रहा बस भरोसा- ही न रहा

किस बात पर गुस्सा है, ये पूछने
वाला हो तो मुस्कान क़भी नहीं जाती…

तुझे गुस्सा दिलाना भी एक साजिश है…
तेरा रुठ कर मुझ पर यूँ हक जताना प्यार सा लगता है!

तेरे- गुस्से पर मुझे_ आज बहुत प्यार_ आया
कोई_ तो है जिसने मुझें इतने हक़ से -धमकाया

बेवजह किसी पर गुस्सा ना करना ऐ दोस्त,
सुना है अक्सर रिश्ते बिखर जाया करते हैं।

बीबी पर इतना गुस्सा आता है,
कि बाहर निकल नहीं पाता है.

कभी कभी इंसान गुस्से में ही सही,
कुछ कुछ सच बयान कर ही देता हैं,
वो सच जो वो खुद से भी छिपाता फिरता है।

नाराज गुस्सा शायरी

ना जाने क्यूँ नजर लगी जमाने की,
अब वजह भी मिलती नहीं मुस्कुराने की,
तुम्हारा गुस्सा होना तो जायज़ था,
लेकिन हमारी आदत छूट गई तुम्हे मनाने की।

खत्म हो नाराज़गी हम पर,
हो जाए प्यार की बारिश..
गुस्सा उतर जाए उनका,
करते हैं हम खुदा से ये गुजारिश।

गुस्सा उन बादलों की तरह है,
जो बरसने से पहले बहुत गर्मी करते है,
और आंसू उस बारिश की तरह है,
जो बरसने के बाद बहुत ठंडक देते है।

रिश्तों में मिठास लाने के लिए
कई ज़हर पिये है मैंने भी,
इसलिए लोग पूछते है
अब गुस्सा क्यों नही आता मुझे।

गुस्सा शायरी फॉर बॉयफ्रेंड

तुझे गुस्सा दिलाना एक साजिश है मेरी
तेरा रूठ कर मुझपर यु हक़ जताना अच्छा लगता है

बेहद गुस्सा करते हो आजकल नफरत
करने लगे हो या मोहब्बत ज्यादा हो गयी!

गुस्से में अक्सर लोग, कड़वा सच बोल ही देते है…

गुस्सा उस पर नहीं खुद पे आता हैं
की मैंने उसे इतना प्यार ही क्यूँ किया!

तुम्हे गुस्सा करने का हक़ है मुझ पर नाराजगी में,
ये मत भूल जाना कि हम बहुत प्यार करते है तुमसे.

मैं मुस्कुरा कर अपनी किस्मत
पे सारा गुस्सा उतार देता हूँ!

कभी वो गुस्सा करती हैं कभी हम गुस्सा करते हैं
भूल जाते हैं हर बार पर दोबारा वही किस्सा करते हैं!

प्यार इतना कि मुझे पाने को हर वक्त खुदा से इबादत किया करती थी,
और गुस्सा इतना कि मुझसे लिपटकर मेरी शिकायत किया करती थी।

हर शख्स के चेहरे पर उदासी है, गम है, गुस्सा है
शहर मैं ये कौनसी खैरात बंट रही है मुझे भी देखना है.

थोड़े गुस्से वाले थोड़े नादान हो तुम,
लेकिन जैसे भी हो मेरी जान हो तुम.

उनका गुस्सा और मेरा प्यार एक जैसा हैं क्यूंकि
ना तो उनका गुस्सा कम होता हैं ना प्यार!

गुस्सा क्यों करते हो बात-बात पर तुम,
शक ज्यादा करते हो या प्यार…

कैसे कह दे की उनके कुछ नहीं लगते हम
उनके गुस्से पर आज भी हमारा ही हक़ हैं!

नाराज क्यूँ होते हो, किस बात पे हो रूठे,
अच्छा चलो ये माना, तुम सच्चे और हम झूठे,
कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते,
गुस्से का है बहाना और दिल से हम पे हो मरते।

हम जानते है मायने रिश्तों के इसलिए गुस्सा
हम नही हो पाते, समझ सकते है हम उनकी
तकलीफ को हमे जो अपना हक्क समजते है…

बहार से गुस्सा दिल से प्यार करते हो नजरे चुराते
हो दिल बेकरार करते हो लाख छुपाओं दुनियां से मुझे
पता हैं तुम खुद से भी ज्यादा मुझे प्यार करते हो!

मुझे तेरे गुस्से से डर नहीं लगता,
तेरा गुस्सा तो मैं झेल लेती हूँ,
हाँ, दिल तो दुखता है बहुत तेरे गुस्से से,
लेकिन तुझे खोने के डर से चुप हो जाती हूँ।

कोरे कागज पर तेरी इक तस्वीर बनाई है,
मैने गुस्से में आकर उसमें आग लगाई है…

किस बात पर गुस्सा है, ये पूछने
वाला हो तो, मुस्कान क़भी नहीं जाती।

गुस्सा आने पर_ चिल्लाने के लिए ताकत_ नही चाहिए
परन्तु गुस्से में_ शांत रहने के लिए बहुत _ताकत चाहिए

खुद की कमियों पर गुस्सा करना सिखिए,
आपका व्यक्तित्व निखरता चला जायेगा…

मन तो मेरा भी करता हैं नाराज होने का पर
फिर याद आया की मनाने वाला तो कोई नहीं हैं!

रूठ जाओ कितना पर मना लेंगे,
दूर जाओ कितना भी बुला लेंगे,
दिल आखिर दिल हैं कोई सागर की रेत तो नहीं,
जो लिख के नाम आपका मिटा देंगे

ऊपर से गुस्सा दिल से प्यार करते हो,
नज़रें चुराते हो दिल बेक़रार करते हो,
लाख़ छुपाओ दुनिया से पर मुझे ख़बर है,
तुम ख़ुद से भी ज्यादा मुझे प्यार करते हो।

ना तेरी शान कम होती ना रूतबा ही घटा होता,
जो गुस्से में कहा तुमने वही हंस के कहा होता.

मिनट का गुस्सा जिंदगी भर के
लिए रिश्तों को खत्म कर सकता हैं!

गुस्सा ना करो इतना कि वो शिकायत बन जाये,
रहो ना दूर इतना की हम अकेले हो जाये,
दुनिया का एक रिवाज हमे भी पता है,
प्यार ना करो किसी से इतना की वो जरुरत बन जाये।

गुस्से में किया हुआ सीधाबात भी कई बार लोगो को उल्टी बात ही लगती है

जहर भी Fail हैं कुछ0
लोगो की जबान के आगे!

तुम को आता है प्यार पर ग़ुस्सा
मुझ को ग़ुस्से पे तो प्यार आता है

जो समस्या का हल ढूंढते है वो क्रोध नही करते है,
और जो क्रोध करते है वो समस्या का हल नहीं ढूंढते है.

हम जानते है मायने रिश्तों के,
इसलिए गुस्सा हम नही हो पाते,
समझ सकते है हम उनकी तकलीफ को,
हमे जो अपना हक्क समजते है।

बस यही सोचकर की, क्या कहेगा ये जमाना..
गुस्से को काबू में करके, पड़ता है मुझे मुस्कुराना..!

गुस्से में भी उसका प्यार दिखता है,
तकलीफ़ भले मुझको दे, दर्द उसको होता है…

तुम्हारा गुस्सा भी इतना प्यारा है की,
दिल करता है तुम्हे दिन भर तंग करते रहे.

सबसे ज्यादा गुस्सा खुद पर तब आता हैं
जब प्यार भी हम करे इंतजार भी हम करे
जताये भी हम और रोये भी हम!

गुस्से का कोई इलाज नहीं,
चाहे दोस्ती हो या हो प्यार
सब उजाड़ ही देती है।

पल के गुस्से से प्यार भरा रिश्ता बिखर जाता है,
होश जब आता है तो वक्त निकल जाता है…

यदि- आप सही है तो_ आपको
गुस्सा_ करने की जरूरत नही है यदि आप गलत है
तो आपको- गुस्सा _करने का हक नही है

लड़ते बहुत_ है गुस्सा भी बहुत है मगर
गुस्सा बाहर से है मोहब्बत_ अंदर से है

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top